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मैया गुफ्फा की आज्ञा मन रिद्धि सिद्धि देवी आन
जिसे कभी चंद्रग्रहण तो कभी सूर्यग्रहण के नाम से जाना जाता है, जिसमें कभी-कभी ग्रहण में चंद्र पर ग्रहण लग जाता है तो कभी कभी सूर्य पर ग्रहण लग जाता है.
शाबर मंत्रों का उपयोग विभिन्न प्रकार की समस्याओं का समाधान करने के लिए किया जाता है। इनमें कुछ प्रमुख लाभ हैं।
प्राचीन तंत्र शास्त्रों पर विश्वास कर साधना करें ।
ॐ काला भैरू, कपिला केश। काना कुंडल भगवा वेष।
साधना में बताए गये अनुष्ठान के दिनों तक बिना आलस्य के प्रतिदिन जप अवश्य करें।
अगले पन्ने पर ऐसा सिद्ध होता है कोई मंत्र...
कोई साधक अगर किसी भी शक्ति की साधना करना चाहता हे या वशीकरण साधना या मोहिनी साधना करना चाहता है तो हम साधक को गुरुमुखी साधना देंगे और जब तक सिद्धि न मिले तब तक हम उसको मार्गदर्शन करेंगे सिद्धि प्रदान कराएंगे (महाकाली साधना नरसिंह साधना भैरव साधना कोई भी दस महाविधा की साधना यक्षणी साधना जिन्न साधना भूतनी साधना डाकिनी शाकीनी साधना वशीकरण साधना मोहिनी साधना और हमारे पास कई सारी गुप्त साधना हे जिसका जिक्र यहां नहीं कर सकते
सही स्थान और समय:- मंत्र जाप के लिए एकांत, शांत और पवित्र स्थान का चयन करें। रात्रि के शांत वातावरण में या ब्रह्म मुहूर्त में मंत्र जाप करना अधिक प्रभावी होता है।
इसके बाद जब सूर्य ग्रहण खत्म हो जाए तब आपने जो भी कपड़े पहने हुए हैं उसी के साथ जाकर पानी से स्नान कर ले. इस तरह सूर्य ग्रहण की अवधि में आपके द्वारा जाप किए गए साबर मंत्र का असर होने लगेगा और उसकी सिद्धि हो जाएगी, सिद्ध होने के बाद आप साबर मंत्र का इस्तेमाल दूसरों की भलाई के लिए कर सकते हैं.
इसी तरह लगातार जप का अभ्यास करते रहने से आपके चित्त में वह मंत्र इस कदर जम जाता है कि फिर नींद में भी वह चलता रहता है और अंतत: एक दिन वह मंत्र सिद्ध हो जाता है। दरअसल, मन जब मंत्र के अधीन हो जाता है तब वह सिद्ध होने लगता है। अब सवाल यह उठता है कि सिद्ध होने के बाद क्या होता है या कि उसका क्या लाभ? get more info आओ अगले पन्नों पर इसे जानते हैं।
अगर आप ग्रहण काल के दरमियान किसी शाबर मंत्र को सिद्ध करना चाहते हैं तो सबसे पहले आपको जो भी मंत्र सिद्ध करना है उसे अच्छी तरीके से याद कर ले मतलब कि आप बिना किताबों को भी उस मंत्र को पढ़ पाए.
यह दोनों एक प्राकृतिक घटना होती है जो अपने आप घटित होती है, ऐसे में आप यह अवश्य सोचते होंगे कि आखिर यह घटनाएं कैसे होती है तो आपकी जानकारी के लिए बता दें कि जब चंद्रमा और पृथ्वी दोनों ग्रह के ठीक आमने सामने आती है तब यह घटनाएं होती है.
काली काली शामनते। ब्रह्मा की धीशु शाशु।